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यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण – कारण, डाइट और इलाज

September 11, 2026
5 min read

यूरिक एसिड बढ़ने से जोड़ों में दर्द, सूजन, गाउट और किडनी स्टोन हो सकते हैं। पुरुषों में 7.0 mg/dL से ऊपर हाइपरयूरिसीमिया माना जाता है। डाइट में बदलाव, पानी और दवाइयों से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।

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यूरिक एसिड क्या होता है?

शरीर में प्यूरीन के टूटने से बनने वाला एक रासायनिक पदार्थ है, जो किडनी द्वारा फ़िल्टर होकर पेशाब से बाहर निकलता है।

  • यूरिक एसिड (Uric Acid) खून में मौजूद एक प्राकृतिक अपशिष्ट पदार्थ है
  • यह प्यूरीन युक्त खाद्य पदार्थों – जैसे मांस, दालें, समुद्री भोजन – के पाचन से बनता है
  • सामान्य मात्रा में यह हानिरहित होता है और किडनी इसे छानकर बाहर निकाल देती है
  • जब किडनी इसे पर्याप्त मात्रा में नहीं निकाल पाती, तो यह खून में जमा होने लगता है
  • अधिक मात्रा में जमा होने पर यह जोड़ों में क्रिस्टल बना देता है, जिससे दर्द और सूजन होती है
  • इस स्थिति को हाइपरयूरिसीमिया (Hyperuricemia) कहते हैं

यूरिक एसिड बढ़ने के मुख्य कारण

हाई यूरिक एसिड के कारण कई हो सकते हैं – खानपान से लेकर आनुवंशिकता तक।

  • प्यूरीन-युक्त खाना अधिक खाना – लाल मांस, ऑर्गन मीट, झींगा, सार्डिन
  • शराब का सेवन – खासकर बीयर, जो यूरिक एसिड उत्पादन बढ़ाती है
  • मोटापा – अधिक वज़न वाले लोगों में किडनी की फ़िल्टरिंग क्षमता कम होती है
  • किडनी की कमज़ोरी – किडनी ठीक से काम न करे तो यूरिक एसिड जमा होता है
  • कुछ दवाइयाँ – जैसे डाइयूरेटिक्स (पानी की गोलियाँ) और एस्पिरिन
  • आनुवंशिक कारण – परिवार में गाउट का इतिहास होने पर जोखिम बढ़ता है
  • डायबिटीज़ और हाई ब्लड प्रेशर भी यूरिक एसिड बढ़ने से जुड़े हैं

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यूरिक एसिड बढ़ने के शुरुआती लक्षण

यूरिक एसिड के लक्षण शुरुआत में हल्के होते हैं – इन्हें पहचानना ज़रूरी है।

  • थकान और कमज़ोरी – बिना किसी कारण के हमेशा थका हुआ महसूस करना
  • जोड़ों में हल्की जकड़न – सुबह उठने पर उँगलियाँ या टखने अकड़े हुए लगना
  • बार-बार पेशाब आना – किडनी पर बढ़ते दबाव का शुरुआती संकेत
  • पेशाब में झाग या बदबू – यूरिक एसिड की अधिकता का संकेत हो सकता है
  • हल्का बुखार – खासकर गाउट के दौरे से पहले
  • भूख कम लगना और पेट में असहजता

जोड़ों में दर्द और सूजन – गाउट का संकेत

गाउट के लक्षण हिंदी में समझें – यह यूरिक एसिड की सबसे आम और दर्दनाक जटिलता है।

  • अचानक तेज़ दर्द – अक्सर रात को पैर के अँगूठे, टखने या घुटने में
  • जोड़ों में दर्द यूरिक एसिड की वजह से होने वाली सूजन लाल और गर्म त्वचा के साथ आती है
  • दर्द इतना तीव्र होता है कि चादर का हल्का स्पर्श भी असहनीय लगता है
  • गाउट का दौरा (Gout Attack) कुछ घंटों से लेकर कई दिनों तक रह सकता है
  • बार-बार दौरे पड़ने पर जोड़ स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त हो सकते हैं
  • टोफाई (Tophi) – जोड़ों के पास सफ़ेद गाँठें बनना, जो क्रोनिक गाउट की निशानी है

किडनी पर असर – यूरिक एसिड और पथरी

यूरिक एसिड की अधिकता किडनी को सीधे नुकसान पहुँचाती है और पथरी बना सकती है।

  • किडनी स्टोन (Kidney Stone) – यूरिक एसिड के क्रिस्टल किडनी में जमा होकर पथरी बनाते हैं
  • पीठ के निचले हिस्से या बाजू में तेज़ दर्द, पथरी का सबसे आम लक्षण है
  • पेशाब में खून आना या पेशाब का रंग गहरा लाल/भूरा होना
  • पेशाब करते समय जलन या दर्द महसूस होना
  • लंबे समय तक हाई यूरिक एसिड रहने पर क्रोनिक किडनी डिज़ीज़ का खतरा बढ़ता है
  • किडनी की कार्यक्षमता घटने पर यूरिक एसिड और भी तेज़ी से बढ़ता है – एक दुष्चक्र बन जाता है

त्वचा और अन्य अंगों पर लक्षण

यूरिक एसिड का असर सिर्फ जोड़ों तक सीमित नहीं – त्वचा और दूसरे अंग भी प्रभावित होते हैं।

  • टोफाई गाँठें – कोहनी, कान के पास, उँगलियों के जोड़ों पर सफ़ेद उभार
  • त्वचा में खुजली और लालिमा – खासकर प्रभावित जोड़ के आसपास
  • आँखों में सूजन – दुर्लभ मामलों में यूरिक एसिड आँखों को भी प्रभावित करता है
  • हृदय रोग का जोखिम – हाई यूरिक एसिड हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट डिज़ीज़ से जुड़ा है
  • नाखूनों का रंग बदलना या कमज़ोर होना भी कभी-कभी देखा जाता है

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यूरिक एसिड की नॉर्मल रेंज क्या है?

यूरिक एसिड नॉर्मल रेंज जानना ज़रूरी है ताकि रिपोर्ट देखकर सही फ़ैसला लिया जा सके।

वर्ग नॉर्मल रेंज
पुरुष 3.4 – 7.0 mg/dL
महिलाएँ 2.4 – 6.0 mg/dL
बच्चे 2.0 – 5.5 mg/dL

 

  • 7.0 mg/dL से ऊपर पुरुषों में और 6.0 mg/dL से ऊपर महिलाओं में हाइपरयूरिसीमिया माना जाता है
  • कुछ लोगों में रेंज से ऊपर होने पर भी लक्षण नहीं आते – इसे असिम्प्टोमैटिक हाइपरयूरिसीमिया कहते हैं
  • फिर भी उपचार और निगरानी ज़रूरी है क्योंकि नुकसान अंदर ही अंदर होता रहता है

यूरिक एसिड की जाँच कैसे होती है?

यूरिक एसिड का इलाज शुरू करने से पहले सही जाँच ज़रूरी है।

  • सीरम यूरिक एसिड टेस्ट – खून की साधारण जाँच, खाली पेट करवाना बेहतर
  • 24-घंटे यूरिन टेस्ट – किडनी कितना यूरिक एसिड निकाल रही है, यह जानने के लिए
  • जोड़ का फ्लूइड टेस्ट – जोड़ से थोड़ा तरल निकालकर क्रिस्टल की जाँच (गाउट पुष्टि के लिए)
  • X-ray या अल्ट्रासाउंड – जोड़ों में क्षति या किडनी में पथरी देखने के लिए
  • किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT) – किडनी की सेहत जाँचने के लिए
  • डॉक्टर की सलाह पर ही टेस्ट करवाएँ – रिपोर्ट की सही व्याख्या ज़रूरी है

यूरिक एसिड में क्या नहीं खाना चाहिए?

यूरिक एसिड में क्या नहीं खाना चाहिए – यह सवाल हर मरीज़ पूछता है। नीचे दी गई चीज़ें तुरंत कम करें।

  • लाल मांस और ऑर्गन मीट – कलेजी, गुर्दा, मगज़ – इनमें प्यूरीन सबसे ज़्यादा होता है
  • समुद्री भोजन – झींगा, सार्डिन, मैकेरल, एंकोवी से परहेज़ करें
  • शराब – खासकर बीयर; वाइन भी सीमित करें
  • मीठे पेय और पैकेज्ड जूस – फ्रक्टोज़ यूरिक एसिड बढ़ाता है
  • दालें और राजमा – अधिक मात्रा में न लें; थोड़ी मात्रा में ठीक है
  • फूलगोभी, मशरूम, पालक – इनमें मध्यम प्यूरीन होता है, सीमित करें
  • मैदा और प्रोसेस्ड फूड – इनसे भी यूरिक एसिड बढ़ सकता है

यूरिक एसिड डाइट चार्ट में शामिल करें: खूब पानी (रोज़ 3–4 लीटर), चेरी, सेब, खीरा, दही, ओट्स, और हरी सब्ज़ियाँ।

यूरिक एसिड कम करने के घरेलू उपाय

यूरिक एसिड कम करने के उपाय घर पर भी अपनाए जा सकते हैं – लेकिन ये डॉक्टरी इलाज की जगह नहीं लेते।

  • खूब पानी पिएँ – दिन में कम से कम 3–4 लीटर; यूरिक एसिड पेशाब से बाहर निकलता है
  • चेरी और चेरी जूस – शोध बताते हैं कि चेरी गाउट के दौरे कम करती है
  • नींबू पानी – सुबह गुनगुने पानी में नींबू निचोड़कर पिएँ; शरीर को क्षारीय बनाता है
  • अदरक की चाय – सूजन-रोधी गुण जोड़ों के दर्द में राहत देते हैं
  • वज़न नियंत्रित रखें – हर 5 किलो वज़न कम करने पर यूरिक एसिड में उल्लेखनीय कमी आती है
  • नियमित हल्की एक्सरसाइज़ – तेज़ चलना, योग; भारी वर्कआउट से दौरे का खतरा बढ़ सकता है
  • विटामिन C – रोज़ 500 mg विटामिन C यूरिक एसिड घटाने में मदद करता है (डॉक्टर से पूछकर)

डॉक्टर से कब मिलें? – Gurgaon में इलाज

इन स्थितियों में तुरंत किसी ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ से मिलें – घरेलू उपाय काफी नहीं होंगे।

  • जोड़ में अचानक तेज़ दर्द और सूजन जो 24 घंटे में ठीक न हो
  • यूरिक एसिड रिपोर्ट में 8 mg/dL से ऊपर का स्तर
  • बार-बार गाउट के दौरे – साल में 2 से अधिक बार
  • पेशाब में खून, पीठ में दर्द – किडनी स्टोन का संदेह
  • जोड़ों में स्थायी विकृति या टोफाई गाँठें दिखना
  • यूरिक एसिड का इलाज दवाइयों से होता है – जैसे Allopurinol, Febuxostat, Colchicine – जो डॉक्टर की निगरानी में ही लेनी चाहिए

Dr. Ramkinkar Jha – Director of Orthopaedics, CK Birla Hospital, Gurugram – 20+ वर्षों के अनुभव, 12,000+ सर्जरी और 5,000+ जॉइंट रिप्लेसमेंट के साथ Gurgaon के सबसे अनुभवी ऑर्थोपेडिक सर्जनों में से एक हैं। वे UK, Singapore और Switzerland में प्रशिक्षित हैं और AO Trauma Foundation के सदस्य हैं।

FAQs

यूरिक एसिड बढ़ने पर सबसे पहले कौन सा लक्षण दिखता है? expand_more

अक्सर सबसे पहला लक्षण पैर के अँगूठे में अचानक तेज़ दर्द और सूजन होता है - इसे गाउट का दौरा कहते हैं। थकान और जोड़ों में जकड़न भी शुरुआती संकेत हो सकते हैं।

यूरिक एसिड की नॉर्मल रेंज क्या होती है? expand_more

पुरुषों में 3.4–7.0 mg/dL और महिलाओं में 2.4–6.0 mg/dL सामान्य मानी जाती है। इससे ऊपर का स्तर हाइपरयूरिसीमिया कहलाता है।

क्या यूरिक एसिड सिर्फ खानपान से बढ़ता है? expand_more

नहीं। खानपान एक बड़ा कारण है, लेकिन किडनी की कमज़ोरी, मोटापा, कुछ दवाइयाँ और आनुवंशिक कारण भी ज़िम्मेदार हो सकते हैं।

यूरिक एसिड में दही खा सकते हैं? expand_more

हाँ। दही और कम वसा वाले डेयरी उत्पाद यूरिक एसिड के मरीज़ों के लिए फायदेमंद माने जाते हैं - ये यूरिक एसिड को कम करने में मदद करते हैं।

गाउट और यूरिक एसिड में क्या फर्क है? expand_more

यूरिक एसिड खून में मौजूद पदार्थ है। जब यह बहुत ज़्यादा बढ़ जाता है और जोड़ों में क्रिस्टल बनाता है, तो उससे होने वाली बीमारी को गाउट कहते हैं। यानी गाउट, हाई यूरिक एसिड का एक परिणाम है।

Dr Ramkinkar Jha's Medical Content Team

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This content is reviewed by Dr. Ramkinkar Jha

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